5जी नेटवर्क के बारे में - 5G network in Hindi

जब शुरुआत में मोबाइल फोन आए थे तो हम सिर्फ कॉल और मैसेज ही कर पाते थे। पर अब हम अपने मोबाइल फोन से दूर रह रहे इंसान को देख भी सकते है। और यह मुमकिन हुआ सेलुलर नेटवर्क में ब्रॉडबैंड की टेक्नोलॉजी को शामिल करने से। ऐसे ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क का ही उदाहरण है 2G, 3G, 4G, 5G और 6G। इस आर्टिकल में, मैं आपसे 5G नेटवर्क के बारे में जानकारी शेयर कर रहा हू।


5G


5G क्या है

5G मोबाइल नेटवर्क की पांचवी जनरेशन है। इसकी स्पीड 4G से २० गुना ज्यादा है। जहाँ 4G की पीक स्पीड 1 Gbps है वही 5G की पीक स्पीड 20 Gbps है।

5G टेक्नोलॉजी की विशेषताएँ

5G टेक्नोलॉजी की मुख्य विशेषताएं कुछ इस तरह है:

  • कम सेलुलर क्षेत्र में ज्यादा कंप्यूटिंग डिवाइस को नेटवर्क मुहैया करना
  • उच्चतर डाउनलोड स्पीड, जो की १० गीगाबिट पैर सेकंड तक हो सकती है
  • सूचना भेजने और प्राप्त करने के बीच विलंबता बहुत कम है, जो की 1 मिलीसेकंड तक हो सकती है
  • कम बिजली की खपत
  • एक फिजिकल 5G नेटवर्क से मल्टीप्ल वर्चुअल नेटवर्क बनाने की खासियत

5G टेक्नोलॉजी की आवश्यकता

आजकल हम बहुत से वायरलेस डिवाइस का इस्तेमाल करने लगे है जैसे - वायरलेस इयरफोन, स्मार्ट वाच, स्मार्ट स्पीकर, लैपटॉप इत्यादि। और वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी टेक्नोलॉजीज के आने से बेहतर कनेक्टिविटी की भी जरुरत बढ़ गई है।

जरा सोचिये की आप गूगल मैप्स में डायरेक्शन देखते हुए कहीं जा रहे है और गूगल मैप नेटवर्क कनेक्टिविटी अच्छी न होने की वजह से आपको आगे का रास्ता दिखाना बंद कर दे। ऐसे समय में आपको कितनी दिक्कत होगी।

एक और उदाहरण लेते है - अगर हमने घर पर स्मार्ट बल्ब, स्मार्ट स्विच लगा रखे है और ख़राब वाई-फाई नेटवर्क होने से स्विच ऑन न हो तो आपको अँधेरे में रहना पड़ेगा।

ऐसी ही समस्याओं से निपटने के लिए 5G टेक्नोलॉजी की आवश्यकता बढ़ गई है और अब सभी मोबाइल ऑपरेटर्स अपने कस्टमर्स को 5G की सुविधा प्रदान करना चाहते है।

5G के फायदे

  • हाई बैंडविड्थ होने की वजह से आप एक वक्त में ज्यादा डाटा ट्रांसफर कर सकेंगे
  • आप एक समय पर ज्यादा वायरलेस डिवाइस को कनेक्ट कर सकेंगे
  • 1 स्क्वायर किलोमीटर के एरिया में कम से कम १० लाख डिवाइस कनेक्ट हो सकते है
  • दो वायरलेस डिवाइस के बीच रियल टाइम इंटरेक्शन होगा

5G के नुक्सान

  • 4G फ़ोन 5G टेक्नोलॉजी को सपोर्ट नहीं करता है, इसलिए लोगों को 5G सपोर्ट करने वाला फ़ोन खरीदना पड़ेगा
  • ज्यादा वायरलेस डिवाइस के आपस में कनेक्ट होने से पर्सनल और बिज़नेस डाटा की हैकिंग के भी चांस बढ़ेंगे
  • 5G के लिए नए टावर सेटअप करने होंगे जिसमे बहुत खर्च आएगा
  • अभी तक बहुत से ऐसे ग्रामीण जगह है जहाँ 4G नेटवर्क के टावर भी पर्याप्त नहीं है, ऐसी जगहों पर 5G नेटवर्क आने में सालों लग जाएंगे

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